गरीबी !

india_beggar_400

गरीबी !
ना हँसे देले ना रोवे
ना जीये देले ना मूए
साँप- छुछुंदर के गति क देले
पागल मति क देले
खोर-खोर के खाले


मजबूर क देले आदमी के ——–
आग प चले खातिर,
गदहा के बाप कहे खातिर,
आ दुधारू गाय के लात सहे खातिर ।

Subhikhya
Not from Bihar, heard a lot about the state. Always interested in exploring the art culture and politics of the state. So here I am, writing and doing PR for AaoBihar.com
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