जय भारती जय भारती का राग गाओ

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गुज़ारिश है सभी राजनीतिक पार्टियों से कृपया संसद के सत्र को चलने दे।सारे देशवासियों और कर दाताओं की मेहनत की कमाई से ही संसद का ख़र्चा उठाया जाता है।इसमें अवरोध नडाले।कल किसने क्या किया के भूल देश कीभलाई के लिए एक नई शुरूआत और सोच की जरूरतहै।सोचे हिरोशिमा और नाकासाकी से खत्म जापान ६० सालों में कहॉ पहुँच गया।जर्मनी आस्ट्रेलिया भी उदाहरण है।
और सोने की चिड़िया हमारी भारतमाँ कहॉ आ गयी हैं चमन से निकल कर।हमें ढूढती हैं बहारों की दुनिया।
न हिन्दु न मुस्लमान हमें चाहिए बस एक उन्नत सुगठित मज़बूत हिन्दुस्तान जहॉ प्रेम की गंगा और एकता की जमुना का अविरल प्रवाह हो।

ज़मीर इंसानों का मरता जा रहा है,
बेगैरत हो गया है हर शख्स सियासत में
जी हजूरी का चलन बढ़ता जा रहा है
कलयुग का कहर बरपा है
हँस चुग रहा है दाना और कौआ मोती सटक रहा है
संसद का सत्र शुरू हो चुका है
हर तरफ शोरगुल और हंगामा बरपा है
हमारे ही खून पे सींचतें इन बेगैरत सांसदों ने कसम खाई है
न चलेने
देंगे संसद को बईमानी की दुहाई है
न जाने कौन सी सदी थी
जब यहॉ इंसान बसते थे
अब तो यह आलम है
कि खुदगर्जी अपनी हदें पार कर चुकी है
स्विज बैंक का घड़ा भी भर चुका है
और हमारे जैसा आम शख्स भी क्या करे
तमाशाबीन बन बस मजबूरी में हाथ बॉधे खडा है
सियासत करते करते इनका खून पानी हो चुका है
इमानदारी का शब्द बेमानी हो चुका है
अपने अगले सात पुश्तों की सोच में संचित है इनके कुबेर का खजाना
बुरे भारत में घोल दिया है विष धर्म और जातपात का
सोचने पे विवश हूँ क्यूँ हो गया है सिंधु घाटी का पतन
अरे मूर्खों इस देश को बेच के तुम कहॉ जाओगे
क्या नर्क में भी पनाह पाओगे।
अगर सच में में तुम्हारादेश के लिए सीना धड़कता होगा
तो मौन रहकर जापानियों की तरह विरोध करना
तुम्हारा हथकंडा होता
थोड़ा तो अपना जमीर जगाओ
फिर से इस देश को फकीर से अमीर बनाओ
जय भारती जय भारती का राग गाओ

Written By: राजश्री(रानी) and Republished by AaoBihar

Subhikhya
Not from Bihar, heard a lot about the state. Always interested in exploring the art culture and politics of the state. So here I am, writing and doing PR for AaoBihar.com
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