प्रबल कविताओ का संग्रह है ये, देखो एक बार

Kavita aur painting

प्रबल कविताओ का संग्रह है ये देखो एक बार, जो छूट जाये तो अफशोस हो जो देखा बार बार देखोगे|

1. हवा के सहारे 

2. मुक्ति बोध : भूल गलती 

3. अँधा युग 

4. प्यार हो तो इतना प्यारा ही हो : मैं तुझसे फिर मिलूँगी 

5. ये अंत नहीं बस इस लेख का अंत है, वो भी दिनकर की कविता ‘उर्वशी’ से 

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