A Dead Bihari Love Story Alive on facebook

a dead love story amritesh bihari

इश्क का कोई मजहब या जाति नहीं होता ,प्रेम किसी से भी हो सकता है तो हम शादी दुसरे जाति में क्यूँ नहीं कर सकते ?इससे जातिगत भेदभाव को भी आसानी से खत्म किया जा सकता है”? वाकई एक सटीक सवाल।

आरक्षण पर हल्ला तो इंटरकास्ट मैरिज पर चुप क्यों ? ऑनर किलिंग क्यू?  हिंदी मुस्लिम की शादि लवजिहादि?  तो अन्तार्जातीय हिन्दू विवाह कौन सी जिहादी है ? वाकई ऐसे कई ज्वलन्त सवालो  को पूछती हुई जिस पर हमारा रूढ़ीवादी समाज चुप्पी साध लेता है क्यों?

वैसे  इस कहानी की शुरुआत तो दिसम्बर की ठण्ड में लिपटी घने काले कोहरे में हुई एक एक्सीडेंट सस्पेंस में भोपाल जंक्शन से होती है,लेकिन अगले पन्ने के उजाले में बिहार  के  गाँव  की धरती पर एक स्कूल जाते हुए बच्चे की चंचल स्वर में धुन सुनाई पड़ती है तो पाठक भी अपने खुद के बचपन में खो सा जाता है,वो 90 के दशक का बचपन एक चलचित्र की भाँती आँखों के सामने चलती हुई नजर आने लगती है,गाँव के खेतो की हरियाली ,नटखट बचपन का स्कूल ,बचपन के खेल में कूदती फांदती ,वो ब्लैक एंड वाइट टीवी के  ज़माने को समेटती हुई एक मध्यमवर्गीय परिवार में भाई बहन के नोक झोक यादो की जब परत खुलती है तो अनायास ही हँसी के फवारे फूटने लगते है |

Bihari-Amritesh-writer

 

मिडिल स्कूल से  लेकर सरकारी स्कूलों के हालातो की धज्जिया उड़ाती हुई ट्यूशन के अन्दर प्रेमपत्रो की उन प्रेमकहानियो को भी बड़े ही सुंदर ढंग से कही गई है | एक किशोरवस्था में जो समस्याओ हम झेलते है उन यादो को ऐसे जानदार शब्दों में समेटा गया है जैसे किसी ने वो दिन फिर से हमें जीने को दे दिया हो |बोर्ड के परीक्षाओ के दिनों में की गई मेहनत में दोस्तों का वो चुलबुलापन वाकई हंसने पर मजबूर कर देता है यही नहीं अच्छे नंबर लाने के जद्दोजेहद में भगवान से की गई प्रथानाओ में सारे पर्व त्यौहार, सरस्वती पूजा से लेकर छठ हमारे संस्कृति तक का वर्णन तो लाजवाब है |जब एक बच्चा घर और अपने माँ बाप  से दूर होता है उन भावनाओ को ऐसे मार्मिक  शब्दों में व्यक्त किया गया है कि बरबस आँखों से आंसूओ का सैलाब फूटने लगता है |

पटना कोटा जैसे शहरो में IIT मेडिकल तैयारी कराने वाले सिस्टम में दोस्तों के बीच वो नोकझोक के साथ ,हर साल IIT जैसी कठिन परीक्षा में  मेहनत करते हुए भी असफल होने वाले छात्रो को जब टेक्निकल शिक्षा स्तर के गिरते सच के सामनाओ की बेबाक लेखनी वाकई हमारे शिक्षा जगत की पोल खोलता है ,लेकिन अचानक प्रेमपत्रो वाले प्रेमकहानियो से निकल कर आजकल सोशल मीडिया जैसे फेसबुक पर पनपी एक अनोखी प्रेमकहानी को बयां करती है |

Bihari-Love-story

समस्या तब खड़ी होती है जात पात में वो प्यार उलझ कर हमारे रूढ़िवादी  समाज का असली स्वरूप दिखाने के क्रम में कहानी व्यापम मर्डर मिस्ट्री जैसे घोटाले में फंस कर एक गजब का ट्विस्ट पैदा करता है |वाकई ये उपन्यास नहीं एक आम इन्सान की जिन्दगी है |

The writer with his book
The writer with his book
Subhikhya
Not from Bihar, heard a lot about the state. Always interested in exploring the art culture and politics of the state. So here I am, writing and doing PR for AaoBihar.com
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