अमिताभ कांत: बिहार राज्य के बारे में मेरे वक्तव्यों का गलत अर्थ निकाला जा रहा है

Amitabh Kant

बिहार और दूसरे राज्यों के बारे में बयान पर बवाल मचने के बाद नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बुधवार को सफाई दी. अमिताभ कांत ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि बिहार राज्य के बारे में मेरे वक्तव्यों का गलत अर्थ निकाला जा रहा है.

उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) में मैंने कहा था कि भारत और विशेषकर कुछ राज्यों ने व्यवसाय करने की सुगमता सूचकांक के संबंध में प्रभावशाली काम किया है. हमें इसे मानव विकास सूचकांक के मामले में भी दोहराने की जरूरत है. भारत के कई जिले पहले से चली आ रही समस्याओं की वजह से मानव विकास संकेताकों की दृष्टि से अभी भी पिछड़े हुए हैं. सरकार के ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ का लक्ष्य तत्क्षण आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान केंद्रित करके इस स्थिति को सुधारना है.

अमिताभ कांत ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान मैंने ये भी कहा था कि हम 49 संकेतकों के संबंध में 115 जिलों को उत्तरोत्तर प्रगति के आंकड़े हासिल कर रहे हैं. इस कार्यक्रम के तहत मानव विकास सूचकांक में भारत की रैंक को सुधारने, इसके नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और सभी के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. आकांक्षी जिला कार्यक्रम को राज्यों की पूर्ण भागीदारी के साथ सहयोगपूर्ण संघवाद की भावना को कार्यान्वित किया जा रहा है. चूंकि बिहार ने हाल ही के वर्षों में कई क्षेत्रों में प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि हासिल की है, इसलिए यह वांछनीय है कि इसके साथ साथ चहुंमुखी विकास भी हासिल किया जाना चाहिए.

उन्नयन बांका की तारीफ़

प्रेस रिलीज के जरिए उन्होंने कहा कि मैंने ये भी कहा था कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत बिहार ने पिछले कुछ महीनों में मानव विकास संबंधी सभी संकेताकों की दृष्टि से जबरदस्त प्रगति की है. बिहार के बांका जिले में ‘उन्नयन बांका’ पहल से तहत वृद्धि दर काफी अच्छी है. पहले पिछड़े माने गए कई राज्यों ने हाल के वर्षों में कई पिछड़े राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है. अब विकास की एक ऐसी नई व्याख्या कर सकने के शुरुआती दौर में हैं, जिसमें जिलास्तरीय चुनौतियों पर बल दिया जा रहा है.
मालूम हो कि नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मंगलवार को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में अब्दुल गफ्फार खान मेमोरियल के पहले लेक्चर में कहा था कि बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों के कारण भारत पिछड़ा बना हुआ है. उन्होंने कहा था कि सामाजिक संकेतों की बात करें तो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हमने तेजी से सुधार किए हैं, लेकिन ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स (मानव विकास सूचकांक) में हम पिछड़े हैं.

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