फिर दोबारा किसानी की ओर लौटे

An Indian farmer holds paddy saplings as he walks on the embankment of his agricultural field on the outskirts of Bhubaneswar, India, Wednesday, Aug. 28, 2013. The lower house of Indian Parliament Monday approved a landmark bill that proposes to provide cheaper grain to more than 800 million across the country. (AP Photo/Biswaranjan Rout)

बिहार के किसान सुमंत कुमार
दुनियाभर में जाना पहचाना नाम बन
चुके हैं। एबीसी, बीबीसी और द
गार्जियन समेत दुनिया के तमाम
बड़े मीडिया हाऊस उनकी कामयाबी की
कहानी कह रहे हैं। बिहार के नालंदा के
दरवेशपुरा गांव के सुमंत कुमार ने
दुनिया में सबसे ज्यादा धान उगाने
का रिकार्ड बनाया है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड चीन के
वैज्ञानिक और ‘फादर ऑफ राइस’ के नाम से
प्रसिद्ध युआन
लोंगपिंग के नाम था। युआन ने एक
हैक्टेयर में 19.4 टन धान उगाया था।
लेकिन सुमंत कुमार ने इस रिकॉर्ड
को तोड़ते हुए एक हैक्टेयर में 22.4
टन धान का उत्पादन कर दुनिया को चकित
कर दिया।
सुमंत कुमार ने न सिर्फ चीन के
वैज्ञानिक का रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि वर्ल्ड
बैंक के फंड से चल रहे फिलिपींस के इंटरनेशनल
राइस रिसर्च और अमेरिका और यूरोप की
बड़ी-बड़ी बीज कंपनियों के फार्मों के
रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए। यही कारण है
कि बिहार के नालंदा जिले के
छोटे से गांव दरवेशपुरा में उनसे
मिलने के लिए दुनियाभर से लोग आ रहे हैं।
लेकिन सुमंत कुमार की कामयाबी युआन
लोंगपिंग को नहीं पची और उन्होंने उनके
दावे पर ही सवाल उठे दिए। इसके बाद अब
सुमंत कुमार ने अपने खेत में धान के बजाए गेंहू
की फसल का रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
की है। सुमंत कुमार ने इंटर तक की पढ़ाई करने
के बाद टेक्सटाइल सुपरवाइजर
की नौकरी की और फिर दोबारा
किसानी की ओर लौटे।
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जय बिहार
जय किसान
जय हिन्दुस्तान

Krishna Kumar
The state of Bihar has given a lot to the history of humanity but in recent past we had given child labour, women harresment, theft, murder and corruption. I am here to raise the voice.!

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