बिहार में शिक्षा की प्रगति के लिए 28 लाख़ की नौकरी छोड़ा बिहार का लाल

Abhishekh-Shrivastav-Bihar

कुछ घटनाओं से बदनाम करने वालो का मनोबल बढ़ गया था बिहार में, पर इन बुराई करने वालो को पता कहा था की ऐसे-ऐसे लाल है बिहार के जो बिहार के नाम को कभी गिरने नहीं देंगे।

नाम अभिषेक श्रीवास्तव, पेशा इंजीनियर, नौकरी मिली 28 लाख की। खुमार था बिहार के लिए काम करने का, बिहार का नाम रौशन करने का। नौकरी 28 लाख की को छोड़ दिया। कुछ दिन बिहार का जायजा लिया हर तरफ घुमा और विचार इनका था

“बिहार में हर वर्ष भले ही बहुत से IAS अफसर निकलते हो, IIT में जाते हो पर बिहार का एक बड़ा तबका गुणवत्ता वाली शिक्षा से दूर है। बिहार के विकाश में शिक्षा का एक सक्रिय भूमिका है और हमें इसे सुदृढ़ करना होगा”

आगे की प्रक्रिया में इन्होंने अलग अलग प्रोग्राम में हिस्सा लिया। विद्यालय गए, कॉलेज घुमा, बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों से उनकी राय ली और कई नयी कमापनियों से भी बात करी जो शिक्षा के लिये उचित कदम उठा रहे है। इस बीच अपने अनुभव को लोगो तक पहुंचाने के लिए युवा लेखक बने है ये YourStory के।

इनका आगे ये भी कहना था की,

“पैसा कमाना कभी मकसद नहीं होगा खास कर इस उम्र में जब रेसपॉन्सिबिल्टी इतनी नहीं है, यही वक़्त है कुछ ऐसा करने का जिससे समाज में बदलाव और विकाश आ सकता है। हम शिक्षा को चुने है क्योंकि शिक्षा आधारशिला है और किसी को भी ऊचाई तक पहुंचाने के लिए आधार का मजबूत होना जरुरी है।”

3-4 महीने की इस प्रक्रिया में इनका सामना Eckovation से हुआ जो पहले से करीब 50000 बिहारियों को उचित और गुणवत्ता वाले शिक्षा पहुंचने में कारगर रहा है और सफलता पूर्वक अभिभावकों को विद्यालयों से जोड़ कर रखा है। इससे आये परिवर्तन को देखते इनका इंटरस्ट बढ़ा और Eckovation से जुड़े लोगो से बातचीत करना शुरू कर इन्होंने खुद को इसके तरफ समर्पित किया।

इस निर्णय पर उनका कहना था

“जिस तरीके से मोबाइल टेक्नोलॉजी गांव तक फैली है, Eckovation जैसे App पर शिक्षा को एक नयी दिशा मिलेगी और हम सब को मिल कर ये सवेरा लाना होगा। इस App को हर घर तक पहुँचना मकसद है जहा घर से टीचर निकलेगे और पढ़ने वाले भी।”

आज बिहार को गर्व है की अभिषेक जैसे बेटे उसकी गोद में बैठ सींच रहे है बिहार की धरती। एक चिंगारी की तरह आयी Eckovation App से आग का रूप दे रौशन कर रहे है अभिषेक जैसे बेटे। अगर ऐसे ही हम सब हाथ से हाथ मिला बढ़ते गए तो कोई माई का लाल बिहार जो बदनाम करने की जरुरत नहीं करेगा। अभिषेक ने बिहार के लोगो से अपील की है की

“आप जहां भी हो, इंजीनियर हो, डॉक्टर हो, अफसर हो, क्लर्क हो, गृहिणी हो या विद्यार्थी हो, दिन में बस एक घंटा निकल कर बच्चों की मदद करे उनको अपने घर बैठे Eckovation app पर पढ़ाए क्योंकि आज का बिहार मोबाइल से जरूर जुड़ा है। मोबाइल का उसे सिर्फ चैट करने तक सिमित नहीं रहेगा। हम पढ़ाएंगे, हम पढ़ेंगे और हम बढ़ेंगे।”

किसी और जानकारी के लिए आप इनको मेल भी लिख सकते है, इनका email है abhishek@eckovation.com

साथ ही Eckovation app को यहाँ क्लिक करके आप डाउनलोड कर सकते है: Click Here

Sanskriti
A girl from the capital of Bihar, trying to understand the past underdevelopment of Bihar and exploring the ways to improve the status of the State

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