बिहार की बेटियों ने आईएएस की परीक्षा में मचाया धूम, चित्रा और सलोनी बने बिहार टॉपर

bihar ias girl

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा IAS 2018 (UPSC Civil Services Result 2018) का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया. इसमें बिहार के कई अभ्यर्थियों ने सफलता पायी है.

इनमें मधुबनी की बेटी चित्रा मिश्रा ने 20वां रैंक हासिल किया है. वहीं, बिहार की राजधानी पटना के कारोबारी सुनील खेमका की बेटी सलोनी को 27वां रैंक मिला है, जबकि पटना के ही कारोबारी कमल नोपानी के बेटे आयुष नोपानी को 151वां रैंक मिला है.

छठी बार में सफल हुई पटना की सलोनी
सीमेंट इंडस्ट्री के क्षेत्र के बड़े व्यवसायी सुनील खेमका की बेटी सलोनी खेमका भी यूपीएससी में सफलता हासिल की है। उसे 27वीं रैंक मिली है। सुनील खेमका का घर गांधी मैदान के पास है। सलोनी की मां सुनीता खेमका बुटिक चलाती हैं। सलोनी ने अमेरिका के ब्रिन मार यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र में स्नातक किया है और स्कूलिंग मसूरी से हुई। सुनील बताते हैं कि उनकी बेटी शुरू से पढ़ने में अच्छी रही है। घर में राय थी कि बेटी को भी पढ़ाई की पूरी छूट दी जाए, इसलिए अमेरिका पढ़ाई के लिए भेजा। सलोनी बिहार की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहती है। इसलिए वो स्नातक करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। दरअसल, अमेरिका में ही सलोनी यूपीएससी की तैयारी करने का मन बनाया। छठी बार में उसे सफलता मिली। तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचने में सफल रही थी।

बैंक क्लर्क का बेटा बनेगा आईएएस
ऋषभ मंडल, रैंक-58, दीघा, पटना

कहते हैं जब लगन हो और सही दिशा में मेहनत हो तो आप किस बैकग्राउंड से आते हैं कोई मतलब नहीं रखता। आपके लिए सफलता के सारे दरवाजे खुल जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है ऋषभ मंडल के साथ। ऋषभ के पिता अजय कुमार मंडल फे्रजर रोड स्थित यूनियन बैंक शाखा में क्लर्क है। लेकिन उनका बेटा यूपीएससी में सफलता हासिल कर ली। ऋषभ की मां आभा मंडल निजी स्कूल में शिक्षिका है। ऋषभ का घर पटना के दीघा में है और वे यही रहकर तैयारी कर रहे थे। ऋषभ ने बताया कि वो पटना के केएसजी कोचिंग में तैयारी किए हैं। यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में पीटी में भी सफलता नहीं मिल पाई थी, लेकिन दूसरे प्रयास में इतना अच्छा रैंक आ गया। ऋषभ 2016 में बीटेक किए हैं। उनकी 10 और 12वीं की पढ़ाई पटना से ही हुई है। यूपीएससी की तैयारी करनेवाले को ऋषभ ने कहा कि मेहनत करें और लोगों की ज्यादा न सुने।

आईआईटीयन बनेगा आईएएस
सुमित कुमार, रैंक-53वीं, सिकंदरा, जमुई

जमुई के सिकंदरा के रहनेवाले सुशील कुमार और मीना देवी के बड़े बेटे सुमित कुमार को भी यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में सफलता हासिल हुई है। सुमित आईआईटी कानपुर से धातु एवं पदार्थ अभियांत्रिकी में बीटेक किया है। दो साल नौकरी की। फिर नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस की तैयारी में लग गए। सुमित ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई बोकारा से की है। सुमित कहते हैं कि  वो अपने माता-पिता की वजह से ही यह मुकाम हासिल कर पाएं हैं। क्योंकि उनके माता-पिता का ही विजन था जो आठ साल की उम्र से ही पढ़ाई के लिए बाहर भेज दिया। इसी वजह से वह यह सफलता हासिल कर पाए। अभी सुमित इंडियन डिफेंस इस्टेअ सर्विस में हैं। यूपीएससी में उन्हें तीसरी बार में सफलता मिली।

आईएएस नहीं, पहली पसंद आईपीएस
रौशन कुमार, रैंक-114, नौबतपुर, पटना

114 वीं रैंक लानेवाले रौशन कुमार को शुरू से ही पुलिस की नौकरी पसंद थी। इसलिए उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता आईएएस नहीं, बल्कि आईपीएस दी। रौशन मूलरूप से पटना के नौबतपुर के निवासी हैं, लेकिन परिवार जीरो माइल, मुजफ्फरपुर में बस गया है। रौशन कुमार ने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की। रौशन कुमार कर्नाटक के बेल्लारी स्थित एक कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत रौशन कहते हैं, मैंने पूरी तैयारी जॉब में रहने के दौरान की। चाणक्या एकेडमी से मॉक इंटरव्यू की तैयारी की।  2003 में दसवीं, 2006 में प्लस टू करने वाले रौशन के पिता टुनटुन प्रसाद शिक्षक हैं जबकि मां अनु कुमारी एएनएम हैं। एक छोटा भाई जो लीगल मैनेजर है।

पत्नी आईएएस, पति ने यूपीएससी में पाई सफलता
लक्ष्मण कुमार, रैंक-362, महेंदू्र, पटना

पटना के गंगा विहार कॉलोनी, महेंद्रू निवासी लक्ष्मण कुमार को भी यूपीएससी में सफलता मिली है। उन्हें 362वीं रैंक हासिल हुई है। लक्ष्मण सिविल इंजीनियरिंग सर्विस में थे। नौकरी से इस्तीफा देकर तैयारी की और पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की। लक्ष्मण दो साल तक निजी सेक्टर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में भी काम कर चुके हैं। लक्ष्मण की पत्नी प्रेरणा दीक्षित झारखंड कैडर की आईएएस हैं और अभी गिरिडीह में असिस्टेंट इंजीनियर के रू प में नियुक्त है। लक्ष्मण के पिता सुरेंद्र प्रसाद सिंह झारखंड में असिस्टेंट इंजीनियर हैं और मां हाउसवाइफ। लक्ष्मण की स्कूलिंग झारखंड से ही हुई है। लक्ष्मण कहते हैं कि नौकरी में रहते तैयारी नहीं हो पा रही थी, इसलिए इस्तीफा देकर तैयारी शुरू किया।

Chirag
Trying to connect you from almost all the hottest news of Bihar and the reason behind this is to ensure the proper awareness of all of the citizen.
So say AaoBihar

Comments

comments