A Poet at Play

A Poet at Play

वे डरते हैं, किस चीज़ से डरते हैं वे तमाम धन-दौलत, गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद ? वे डरते हैं, कि एक दिन निहत्थे और ग़रीब लोग, उनसे डरना बंद […]