मोहल्ले का हर दूसरा बच्चा है IIT में, बिना ट्यूशन करते हैं पढ़ाई

IIT Delhi

गया के पटवा टोली मोहल्ला बिना गुरु के ज्ञान अर्जित करने का मिसाल बन गया है। पिछले दो दशक में इस मोहल्ले से करीब 350 इंजीनियर बने हैं। 200 छात्र विभिन्न आईआईटी से पास हो चुके हैं या वहां पढ़ाई कर रहे हैं। करीब डेढ़ सौ छात्रों ने कर्नाटक, पश्चिम बंगाल व अन्य राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास कर अपनी शिक्षा पूरी की है।

यहां कोचिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। फिर भी इस मोहल्ले का हर दूसरा बच्चा आईआईटी में है। यहां पुराने आईआईटियन छुट्टी में आते हैं और छात्रों के साथ अपना अधिकतम वक्त गुजारते हैं। उन्हें टिप्स देते हैं और ग्रुप डिस्कशन के लिए प्रेरित करते हैं। नौकरी में गए लोग भी यहां रहने पर इस परिपाटी को कायम रखते हैं। यहां के बच्चों की सफलता का यही सबसे बड़ा राज है।

दर्जन भर देशों में हैं इंजीनियर

मानपुर पटवा टोली के इंजीनियर लगभग एक दर्जन देशों में कार्यरत हैं। सर्वाधिक 22 लोग अमेरिका में हैं। इसके अलावा सिंगापुर, कनाडा, स्विट्जरलैंड, जापान, दुबई आदि देशों की प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं।

1995 में बनी थी ‘नवप्रयास’ संस्था

पटवा टोली में ‘नवप्रयास’ संस्था बच्चों का मार्गदर्शन करती है। शुरुआत यहां के प्रथम आईआईटियन जितेंद्र कुमार ने 1995 में की थी। जितेंद्र अभी कैलिफोर्निया में साॅफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वहीं के नागरिक हो गए। पर मानपुर से रिश्ता कायम है।

Source: fb page of Great Bihar

Comments

comments