Hindi Poetry on spirit of founders of Start-Ups

Sunrise

अगर जो न होती हिम्मत,
तो कहा मैदान में तुम हमको देखते

सुकून को बेच खड़े है हम यहाँ
की आज मुशीबत आती तो उसे भी देखते

हम मिल कर बना रहे है सब
नजदीक होते तो ये माज़रा देखते

हवा का रुख हिंदुस्तानी है
आज बिदेसी होसला देखते

ये जो सिलसिला शुरू हुआ है
खुश देवता होते अगर, इसे देखते

बंद जंजीरो में कहा फ़से हो
यहाँ होते तो नया जन्म देखते

जाने दो नौकरी ही करो तुम
हार का डर है यहाँ
हिम्मते चाहिए, पर हम
युही डेस्क पर बैठ
कहा से हौसले की उड़ान देखते

गिरने का डर आज नहीं
हममे तो आज नशा है कुछ बनाने का
कुछ एक-आध नया बनाने का
अब पढ़ कर समझ जाओ
साथ होते तब तो हौसला देखते

Ritesh Singh
बिहार में जन्म हुआ और फिर भगवान ने बिहारी बनाया। तब से आज तक कुछ कुछ प्रयत्न कर रहे है कामयाब होने की।
गलती से IIT से B.Tech पास करने के बाद, AaoBihar पर लेख लिखना और पढ़ना शौक बन गया है।

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