आईआईटी के सातवें दीक्षांत समारोह में पटना के लाल छाए रहे, चार गोल्ड मेडल दिए गए

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आईआईटी के सातवें दीक्षांत समारोह में पटना के लाल छाए रहे। बीटेक, एमएससी और एमटेक मिलाकर चार गोल्ड मेडल दिए गए। इनमें दो पर अकेले पटना के छात्रों का कब्जा रहा।  समारोह बिहटा स्थित कैंपस में मंगलवार को आयोजित किया गया।  बीटेक(सत्र 2015-19) के आशीष राज को प्रेसिडेंट ऑफ गोल्ड मेडल और श्री केदार नाथ दास मेमोरियल अवार्ड दिया गया। प्रेसिडेंट मेडल बीटेक के सभी स्ट्रीम में अव्वल करने वाले को मिलता है। जबकि श्री केदरानाथ दास मेमोरियल अवार्ड ऑल राउंड परफॉर्मेंस के लिए दिया जाता है। इसमें 10 हजार का नगद इनाम भी मिलता है। आशीष कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंंग के   छात्र रह चुके हैं। इनका घर कदमकुआं में है।

जुफिशान हक को चेयरमैन गोल्ड मेडल 
एमटेक में भी पटना की ही छात्रा जुफिशान हक (सत्र 2017-19) को चेयरमैन गोल्ड मेडल मिला। यह मेडल एमटेक के सभी स्ट्रीम में सर्वश्रेष्ठ करने वाले को मिलता है। जुफिशान फुलवारीशरीफ के हारुन नगर कॉलोनी की रहनेवाली हैं। कार्यक्रम में करीब 300 छात्र-छात्राओं को डिग्री व मेडल प्रदान किए गए। कार्यक्रम में 17  को इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल और 16 को इंस्टीट्यूट प्रोफिशिएंशी अवार्ड प्रदान किए गए। सभी मेडल विशिष्ट अतिथि व आईआईटी बॉम्बे के पूर्व निदेशक प्रो. देवांग वी. खक्कर ने दिए,जबकि डिग्री आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. पुष्पक भट्टाचार्य ने दी।

13.05 लाख बीटेक और 9.95 लाख एमटेक का पैकेज
कार्यक्रम में आईआईटी के निदेशक प्रो. पुष्पक भट्टाचार्य ने संस्थान का रिपोर्ट पेश किया। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि आईआईटी से पास आउट होनेवाले विद्यार्थियों की औसत सैलरी पिछले साल की अपेक्षा 10 प्रतिशत बढ़ी है। इस साल बीटेक करनेवाले विद्यार्थियों को औसतन 13.05 लाख रुपए और एमटेक विद्यार्थियों का औसतन 9.95 लाख रुपए सैलरी ऑफर किए गए। इस साल का अधिकतम पैकेज 38 लाख रुपए  रहा। उन्होंने कहा कि कैंपस प्लेसमेंट में भी आईआईटी पटना ने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यहां के बीटेके के 80 प्रतिशत और एमटेक के 50 प्रतिशत छात्रों का नामी-गिरामी कंपनियों में बड़े पैकेज पर चयन हो चुका है।

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पेटेंट के लिए 31 आवेदन किए 
प्रो. भट्टाचार्य ने बताया कि यहां के पीएचडी छात्र देश के महत्वपूर्ण संस्थानों में अपना योगदान दे रहे हैं।  संस्थान की फैकल्टी ने अब तक 31 आवेदन पेटेंट के लिए किए हैं। स्थापना के मात्र 11 वर्षों में देश के इंजीनियरिंग संस्थानों में इसका 22वां स्थान है। साथ ही ब्रिक्स देशों, जिनमें भारत, ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्र ीका शामिल हैं, के क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी में यह 141वें स्थान पर है।

नहीं आए मुख्य अतिथि हरिवंश 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश थे। लेकिन वे नहीं आ सके।  उनका संदेश पढ़कर सुनाया गया। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि प्रो. देवांग खक्कर ने संबोधित किया। उन्होंने पास आउट विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया और आगे की संभावना के बारे में बताया। कार्यक्रम में बोर्ड ऑफ गर्वनर और सीनेट के सदस्य, विद्यार्थियों के अभिभावक, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे।

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