महाजाम: 14 घंटे तक महात्मा गांधी सेतु पर रेंगते रहे वाहन

Jam on Mahatma Gandhi Setu
महात्मा गांधी सेतु पर रविवार की सुबह छह बजे से ही रुक-रुक कर जाम लग रहा है. दरअसल परिचालन वन वे होने, सोनपुर मेला को लेकर वाहनों का दवाब बढ़नेे, ओवरटेक व बेतरतीब परिचालन के साथ वीआइपी मूवमेंट की वजह जाम की स्थिति बन जा रही है. हालांकि, जाम से निबटने के लिए यातायात पुलिस व पदाधिकारी और स्थानीय थाने की पुलिस के साथ जिला से आये पुलिस बल को भी लगाया गया है, लेकिन वाहनों के बढ़ते दबाव की वजह से पुलिसकर्मियों की भी नहीं चल पा रही थी. स्थिति यह थी जाम से वीआइपी को निकालने में पुलिसकर्मियों के भी पसीने ठंड में छलक आये क्योंकि जाम मे फंसे वाहन सरपट दौड़ने के बदले रेंग रहे थे.
रांग साइड से निकाले गये वीआइपी
यों तो सेतु पर बीते शनिवार की रात से ही जाम की समस्या चल रही थी, पर रविवार सुबह छह बजे से जाम गहराने लगा. इसी बीच जज, राजनेता व अफसरों के साथ सेतु पर अन्य माननीय का मूवमेंट आरंभ हो गया. वीआइपी को जाम से निकालने के लिए पुलिस ने हाजीपुर से पटना आनेवाले लेन का उपयोग करते हुए इसी रास्ते से सेतु को पार कराया. इसके बाद भी कहीं-कहीं पर वीआइपी को जाम की स्थिति झेलनी पड़ी. जाम में एंबुलेंस से लेकर यात्रियों तक वाहन फंसे थे. जाम की यह स्थिति रविवार रात आठ बजे तक बनी थी.
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ट्रकों का था दबाव
यातायात थानाध्यक्ष फारुख हुसैन ने बताया कि आरंभ हो रहे सोनपुर मेले में दुकानों को सजाने के लिए ट्रकों व मालवाहक वाहनों पर व्यापारिक वस्तुओं को  ले जाया जा रहा है. साथ ही त्योहार को लेकर शहर में हैवी वाहनों के परिचालन पर रोक थी, जिस वजह से ट्रकों का दबाव सेतु व एनएच पर बढ़ गया. इस कारण से भी जाम की समस्या गंभीर हो गयी थी. जाम में लंबी दूरी की बस व जीप के साथ अन्य वाहन फंसे थे. इन वाहनों में सवार यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ थी. सेतु पर जाम  से निबटने के लिए पाया संख्या 36 से ही वाहनों का डायवर्सन किया जा रहा था, जबकि पहले यह व्यवस्था सेतु के पाया संख्या 46 से 38 के बीच में परिचालन एक लेन हाजीपुर से पटना आनेवाले मार्ग पर होता था.  शनिवार से यह व्यवस्था की गयी है.
बाढ़ में भी रहा घंटों जाम
बाढ़. रविवार की दोपहर बाढ़ के स्टेशन रोड में करीब चार घंटे तक सड़क जाम के कारण यातायात बाधित रहा, जिससे लोग परेशान रहे. इस दौरान हालात यह थी की बाइक तक इस रोड से निकलना मुश्किल हो रहा था. बताया जाता है कि अनुमंडल प्रशासन द्वारा दिन में नोइंट्री लगाये जाने के बावजूद भारी मालवाहक वाहन स्टेशन रोड में प्रवेश कर जाते हैं. रास्ता संकीर्ण होने के कारण बड़े वाहन फंस जाते हैं. इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है.
Source: Prabhat Khabar
Krishna Kumar
The state of Bihar has given a lot to the history of humanity but in recent past we had given child labour, women harresment, theft, murder and corruption. I am here to raise the voice.!

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