बिहार का लोक- कथा: खूंटे में मोर दाल है, का खाउं-का पीउं, का ले के परदेस जाउं

बिहार का लोक- कथा: खूंटे में मोर दाल है, का खाउं-का पीउं, का ले के परदेस जाउं

यह एक लोक- कथा है. बिहार में, विशेषकर भोजपुरी अंचल में यह खासा-लोकप्रिय है. दादी-नानी से यह संगीतमय कहानी अधिकांश लोगों ने अपने बचपन के […]

Bhojpuri Folk Song: भोजपुरी लोकगीत में जीवन के मर्म

Bhojpuri Folk Song: भोजपुरी लोकगीत में जीवन के मर्म

लोक संस्कृति समाज एवं किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। लोक मस्तिक ने अपने इतिहास की कड़ियां, अपनी परंपरा, प्राचीन मूल्यों को अपने गीतों […]

बिहार बा

बिहार बा

बिहार  बा  बिहार  बा  बिहार  बा हमरा  देसवा  के  सान  ई  बिहार  बा गौतम -महावीर  ईहे  माटी  पे  जनमले बाबू  कुंवर  सिंह जौहर  दिखैले माती  […]

भोजपुरियन के गाँव

भोजपुरियन के गाँव

बड़ा निक लागे उ निमिया के छाँव, “काली माई” के चउरा “भवानी माई” पुजाय! खेत, खरिहानी पहलवानी के दाँव, फगुआ, चईती बड़ी मनभाव! लिट्टी में […]