बिहार का लोक- कथा: खूंटे में मोर दाल है, का खाउं-का पीउं, का ले के परदेस जाउं

बिहार का लोक- कथा: खूंटे में मोर दाल है, का खाउं-का पीउं, का ले के परदेस जाउं

यह एक लोक- कथा है. बिहार में, विशेषकर भोजपुरी अंचल में यह खासा-लोकप्रिय है. दादी-नानी से यह संगीतमय कहानी अधिकांश लोगों ने अपने बचपन के […]

तब पटना में ट्राम चलाने की बनी थी योजना

तब पटना में ट्राम चलाने की बनी थी योजना

अपनी किताब ‘यादगार-ए- रोज़गार’ में सैयद बदरुल हसन ने पटना में पाश्चात्य शिक्षा के प्रसार का भी जिक्र किया है। उसने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के […]