Hindi Kavita: एक अजीब से मुश्किल में हूँ – वरुण ग्रोवर

varun grover

वरुण ग्रोवर, हिंदी कविताओं की आवाज़ बनते चले जा रहे है। BHU से पढ़ाई कर, हिंदी से खास प्रेम हुआ। बॉलीवुड में गाने लिखे, गैंग ऑफ़ वासेपुर के गाने भी लिखे। फिर फिल्म लिखी मसान, जो की बनारस शहर में ही फिल्मायी गयी।

इन दिनों वरुण के द्वारा पढ़ा, कुंवर नारायण की लिखी ये कविता खूब नाम कमा रही है : एक अजीब से मुश्किल में हूँ

एक अजीब सी मुश्किल में हूं इन दिनों-
मेरी भरपूर नफरत कर सकने की ताकत
दिनों-दिन क्षीण पड़ती जा रही,

मुसलमानों से नफ़रत करने चलता
तो सामने ग़ालिब आकर खड़े हो जाते
अब आप ही बताइए किसी की कुछ चलती है
उनके सामने?

अंग्रेजों से नफ़रत करना चाहता
जिन्होंने दो सदी हम पर राज किया
तो शेक्सपियर आड़े आ जाते
जिनके मुझ पर न जाने कितने अहसान हैं

और वह प्रेमिका
जिससे मुझे पहला धोखा हुआ था
मिल जाए तो उसका खून कर दूं!
मिलती भी है, मगर
कभी मित्र, कभी मां, कभी बहन की तरह
तो प्यार का घूंट पीकर रह जाता

हर समय
पागलों की तरह भटकता रहता
कि कहीं कोई ऐसा मिल जाए
जिससे भरपूर नफरत कर के
अपना जी हलका कर लूं!
पर होता है इसका ठीक उल्टा
कोई-न-कोई, कहीं-न-कहीं, कभी-न-कभी
ऐसा मिल जाता
जिससे प्यार किए बिना रह ही नहीं पाता

दिनों-दिन मेरा यह प्रेम-रोग बढ़ता ही जा रहा
और इस वहम ने पक्की जड़ पकड़ ली है
कि यह प्रेम किसी दिन मुझे स्वर्ग दिखाकर ही रहेगा

— कुंवर नारायण

Chirag
Trying to connect you from almost all the hottest news of Bihar and the reason behind this is to ensure the proper awareness of all of the citizen.
So say AaoBihar

Comments

comments